रायपुर, 13 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की बस्तर ढोकरा शिल्प से निर्मित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ धातु प्रतिमा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री श्री क्रिस्टोफर लक्सन को कूटनीतिक भेंट स्वरूप प्रदान की। इस पहल से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करते हुए राज्य की सदियों पुरानी जनजातीय कला को वैश्विक मान्यता मिली है।

इस भेंट को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है, जहां पारंपरिक बस्तर ढोकरा कला राज्य की जनजातीय संस्कृति, शिल्प कौशल और कलात्मक विरासत का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विभिन्न पहलों के माध्यम से राज्य की जनजातीय कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण और वैश्विक प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दे रही है, वहीं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग राज्य की सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेज़ीकरण, संरक्षण और लोकप्रियकरण पर कार्य कर रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, प्राचीन लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग तकनीक से निर्मित बस्तर की ढोकरा कला विश्व की सबसे पुरानी धातु शिल्प परंपराओं में से एक है। ‘ट्री ऑफ लाइफ’ प्रतिमा परस्पर जुड़ाव, समृद्धि, मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक है और भारत के सह-अस्तित्व के दर्शन को प्रतिबिंबित करती है।

यह प्रतीक न्यूजीलैंड की माओरी अवधारणा ‘व्हाकापापा’ से भी मेल खाता है, जो जीवन, प्रकृति और पूर्वजों के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है। जिस तरह ढोकरा ट्री ऑफ लाइफ सभी जीवों को एक परस्पर जुड़े जीवन-रूप के हिस्से के रूप में दर्शाता है, उसी प्रकार व्हाकापापा भी लोगों, भूमि, नदियों, जंगलों और पूर्वजों को एक सतत वंशावली के हिस्से के रूप में देखता है, जो दोनों परंपराओं को प्रकृति और साझा विरासत के साथ मानवता के स्थायी संबंध की शक्तिशाली अभिव्यक्ति बनाता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस प्रतिमा को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक भेंट के रूप में चुना जाना वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति की महत्वपूर्ण पहचान है। इससे राज्य के जनजातीय कलाकारों और शिल्पकारों का मनोबल बढ़ने, स्थानीय हस्तशिल्प के लिए नए बाजार खुलने और छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति व जनजातीय विरासत को अधिक अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।